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इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाने के लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद किस उमà¥à¤° में और कैसे खिलाà¤à¤‚, जानिठफायदे
जनà¥à¤® के फौरन बाद बचà¥à¤šà¥‡ को शहद खिलाना पूरी तरह गलत है। चाइलà¥à¤¡ केयर à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कà¤à¥€ à¤à¥€ शहद नहीं खिलाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद ही बचà¥à¤šà¥‡ के लिठशहद सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना गया है।
कोरोनावायरस की दूसरी लहर बेहद तबाही मचा चà¥à¤•ी है, और माना जा रहा है कि तीसरी लहर से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बेहद खतरा हो सकता है। इस वायरस से अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को महफूज़ रखना है तो उनकी इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाà¤à¤‚। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डाइट में à¤à¤¸à¥€ चीज़ें दें जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अंदर से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤‚ग बनाà¤à¤‚ रखें। बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤‚ग बनाना चाहते हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शहद खिलाà¤à¤‚। औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र शहद सà¤à¥€ उमà¥à¤° के लोगों के लिठबेसà¥à¤Ÿ है, लेकिन छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद सोच समठकर खिलाना चाहिà¤à¥¤
शहद के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ की बात करें तो यह पाचन को दà¥à¤°à¥‚सà¥à¤¤ रखता है, सिर दरà¥à¤¦, खांसी और थकान को मिटाता है। इसमें à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤², à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के साथ ही आवाशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ होते हैं। इतने गà¥à¤£à¤•ारी शहद का सेवन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठइस मà¥à¤¶à¥à¤•िल दौर में बेहद उपयोगी है। अगर आप à¤à¥€ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सेहतमंद रखना चाहते हैं तो शहद खिलाà¤à¤‚। लेकिन आप जानते हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ को किस उमà¥à¤° में शहद खिलाना चाहिठऔर शहद खिलाते समय किन-किन बातों का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिà¤à¥¤
किस उमà¥à¤° में खिलाà¤à¤‚ शहद
वैसे तो बचà¥à¤šà¥‡ के पैदा होने के बाद सबसे पहले बचà¥à¤šà¥‡ के मà¥à¤‚ह में शहद खिलाने का चलन है, लेकिन आप जानते हैं कि जनà¥à¤® के फौरन बाद बचà¥à¤šà¥‡ को शहद खिलाना पूरी तरह गलत है। चाइलà¥à¤¡ केयर à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कà¤à¥€ à¤à¥€ शहद नहीं खिलाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• वरà¥à¤· के बाद ही बचà¥à¤šà¥‡ के लिठशहद सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना गया है।
बचà¥à¤šà¥‡ को हो सकती हैं यह परेशानियां:
हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अगर à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° का बचà¥à¤šà¤¾ शहद का सेवन करता है तो उसे बोटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤¼à¤® नामक गंà¤à¥€à¤° बीमारी होने का खतरा हो सकता है। शिशॠबोटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤¼à¤® तब होता है जब à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤²à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤® बोटà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤® नामक जीवाणॠसे बीजाणà¥à¤“ं को निगल जाता है। यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ के पाचन तंतà¥à¤° के अंदर à¤à¤• ज़हर पैदा करता है जिसे शरीर में अवशोषित किया जा सकता है और बचà¥à¤šà¥‡ की मांसपेशियों पर गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है। कई मामलों में शà¥à¤µà¤¾à¤¸ की मांसपेशियां तक लकवागà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकती हैं। शिशॠबोटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤¼à¤® के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œà¤¼, दूध पीने में सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ या कमजोर तरीके से चूसने, कमजोर होना, घटी हà¥à¤ˆ हलचल, निगलने में परेशानी या अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• लार टपकना, मांसपेशियों में कमजोरी और साà¤à¤¸ लेने में तकलीफ आदि शामिल हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को शहद कैसे खिलाà¤à¤‚:
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चमà¥à¤®à¤š या निपल से कम मातà¥à¤°à¤¾ में शहद खिलाना चाहिà¤à¥¤ कम शहद खिलाने का मकसद यह जानना है कि इससे बचà¥à¤šà¥‡ को कोई à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ तो नहीं हो रही। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को शहद देना बंद कर देना चाहिà¤à¥¤
ओटमील में शहद मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚।
जैम की जगह बà¥à¤°à¥‡à¤¡ पर शहद लगाकर खिलाà¤à¤‚
दही में शहद मिलाकर
सà¥à¤®à¥‚दी में शहद मिलाकर
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हमेशा शà¥à¤¦à¥à¤§ शहद देना चाहिà¤à¥¤
शहद में चीटियां लग गई हों तो बचà¥à¤šà¥‡ को न दें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद देते समय इसकी मातà¥à¤°à¤¾ पर à¤à¥€ पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤•दम से अधिक शहद ना दें।
à¤à¤• साल बाद शहद का सेवन करने से बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत को हो सकते हैं फायदें
शहद में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक मिठास के साथ ही कई औषधीय गà¥à¤£ पाठजाते हैं जिससे न सिरà¥à¤« छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है बलà¥à¤•ि इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ मजबूत होती है। यही कारण है कि अधिकांश घरों में सबसे पहले बचà¥à¤šà¥‡ को शहद चटाया जाता है।
1 साल से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद खिलाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ या सोरायसिस नहीं होता है। इसके अलावा à¤à¥€ शहद चटाने से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को कई फायदे होते हैं।
शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पाया जाता है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर में सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करता है और आंतरिक अंगों को à¤à¥€ मजबूत रखता है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में अकà¥à¤¸à¤° कबà¥à¤œ या गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤—ल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ डिजीज की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। बचà¥à¤šà¥‡ को शहद खिलाने से पेट संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ दूर हो जाती है।
दूध पीने के कारण कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मà¥à¤‚ह से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‡ को शहद चटाने से मà¥à¤‚ह की दà¥à¤°à¥à¤—ंध दूर हो जाती है। शहद में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाया जाता है जो ओरल हेलà¥à¤¥ के लिठफायदेमंद होता है।
शहद में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाया जाता है जो इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बढ़ाने के साथ ही लिवर को à¤à¥€ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। बचà¥à¤šà¥‡ की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ मजबूत होने पर बीमारियों से बचाव होता है।
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